नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त बयान जारी किया गया है। इस बयान के अनुसार, भारत और नीदरलैंड ने सभी मोर्चों पर अपने जुड़ाव को गहरा करते हुए दोनों देशों के बीच एक रणनीतिक ‘ग्रीन एंड डिजिटल सी कॉरिडोर’ (हरित और डिजिटल समुद्री गलियारा) के विकास का समर्थन करने पर विशेष जोर दिया है।
पीएम मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन ने समुद्री सहयोग पर हाल ही में नवीनीकृत किए गए समझौता ज्ञापन (MoU) की सराहना की और एक सुरक्षित व टिकाऊ समुद्री क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया।
‘रणनीतिक रोडमैप’ तैयार करने पर सहमति व्यक्त
इस रणनीतिक गलियारे को अमली जामा पहनाने के लिए दोनों प्रधानमंत्रियों ने एक व्यापक ‘रणनीतिक रोडमैप’ तैयार करने पर सहमति व्यक्त की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल (सस्टेनेबल), डिजिटल रूप से एकीकृत और आर्थिक रूप से कुशल भविष्य के लिए तैयार समुद्री मार्ग का निर्माण करना है।
इसके साथ ही दोनों देशों ने बंदरगाहों और अंतर्देशीय जलमार्गों के स्मार्ट और सतत विकास, आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) के अनुकूलन और हरित बंदरगाहों एवं शिपिंग के क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और अधिक व्यापक बनाने का निर्णय लिया है।
सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने पर सहमति
समुद्री सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों पर बात करते हुए दोनों नेताओं ने भारत-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र सहित वैश्विक और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा में साझा हितों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने पर सहमति जताई।
इसके अलावा, भारत-नीदरलैंड रणनीतिक साझेदारी के ढांचे के तहत स्वास्थ्य सेवा को उच्च गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। साथ ही, दोनों देशों ने जल प्रबंधन, ‘नमामी गंगे मिशन’ और गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC) के विकास में भी आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है।
