नई दिल्ली। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने बुधवार को पटना में आधिकारिक तौर पर अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जन सुराज पार्टी’ लॉन्च की। लॉन्च इवेंट में प्रशांत किशोर ने कहा कि पार्टी पिछले दो वर्षों से सक्रिय है और हाल ही में भारत के चुनाव आयोग से मंजूरी मिली है। चुनाव आयोग की मंजूरी के साथ जन सुराज पार्टी के अब अगले बिहार विधानसभा चुनाव में सभी निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की उम्मीद है। वहीं पार्टी ने मनोज भारती को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया है।
भाजपा के साथ उनकी पार्टी के कथित संबंधों पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज पार्टी “आरएसएस और अल्पसंख्यकों दोनों का एक समामेलन है।” सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने बिहार की शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव का आह्वान किया और अनुमान लगाया कि विश्व स्तरीय मानकों को प्राप्त करने के लिए अगले दशक में 5 लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।
शराबबंदी पर क्या बोले प्रशांत किशोर
राज्य के शराब प्रतिबंध पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने तर्क दिया कि सालाना राजस्व का नुकसान लगभग 20,000 करोड़ रुपये है। बैन के बजाय शैक्षणिक सुधार की ओर जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर बिहार को विश्वस्तरीय शिक्षा व्यवस्था बनानी है तो अगले 10 साल में 5 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी। जब शराबबंदी हटेगी तो वह पैसा सड़क, पानी, बिजली या नेताओं की सुरक्षा के बजट में नहीं जाएगा। इसका इस्तेमाल केवल बिहार में नई शिक्षा प्रणाली के निर्माण के लिए किया जाएगा।
