‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह को लेकर शरद पवार ने सुप्रीम कोर्ट का किया रुख, भतीजे अजित पवार का है दावा

नई दिल्ली। शरद पवार ने सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की है, जिसमें अजीत पवार को आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रतिष्ठित ‘घड़ी’ प्रतीक का उपयोग करने से रोकने की मांग की गई है।

अपनी याचिका में शरद पवार ने दलील दी है कि मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति से बचने के लिए अजित पवार को नए चुनाव चिन्ह के लिए आवेदन करना चाहिए। याचिका में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता और स्पष्टता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया गया है।

शरद पवार को भारत के चुनाव आयोग द्वारा अस्थायी रूप से ‘मैन ब्लोइंग ए तुरहा’ प्रतीक प्रदान किया गया था। उन्होंने एनसीपी और ‘घड़ी’ चिह्न के बीच 25 साल के संबंध को रेखांकित किया। याचिका में दावा किया गया है कि अजित पवार को चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल करने की इजाजत देने से मतदाता गुमराह हो सकते हैं और चुनाव की निष्पक्षता बाधित हो सकती है।

मतदाताओं में भ्रम की स्थिति: शरद पवार

याचिका में हाल के संसदीय चुनावों के दौरान देखे गए मतदाता भ्रम का भी संदर्भ दिया गया है, जिसमें सुझाव दिया गया है कि निर्वाचन क्षेत्रों के छोटे आकार के कारण आगामी विधानसभा चुनावों में यह मुद्दा और भी अधिक स्पष्ट हो सकता है।

याचिका में कहा गया है, “निष्पक्ष प्रतियोगिता सुनिश्चित करने और किसी भी बुरे-विश्वास वाले नेताओं को मतदाता भ्रम का फायदा उठाने से रोकने के लिए अजीत पवार को एक अलग प्रतीक का चयन करना होगा।” सुप्रीम कोर्ट में 15 अक्टूबर को मामले की सुनवाई होने की उम्मीद है।

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