
पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की टिप्पणी ने देश में सांप्रदायिक और राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। रावलपिंडी में एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान मुनीर ने कहा था कि *”जो शिया ईरान से इतना प्यार करते हैं उन्हें ईरान चले जाना चाहिए।”* इस बयान से पाकिस्तान के शिया समुदाय भड़क उठा है और उन्होंने इसे अपनी वफादारी पर सवालिया निशान बताया है।
गिलगित (PoK) में हुए एक प्रदर्शन में शिया मौलानाओं ने आर्मी चीफ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एक मौलाना ने कहा:
*”मैं आर्मी चीफ को ये पैगाम देता हूं… आसिम मुनीर अगर तुम खुलेआम इजरायल का साथ देते हो तो हम भी खुलेआम ईरान का साथ देंगे। देखते हैं तुम हमें ईरान भेजोगे या हम तुम्हें इजरायल भेजेंगे।”*
एक अन्य मौलाना ने कहा:
*”मुनीर कहता है कि अगर ईरान से मोहब्बत है तो उधर चले जाओ, हम कहते हैं तुम्हें इजरायल से बड़ी दोस्ती है, तुम इजरायल में जाकर मरो, इस काबिल नहीं हो कि मुसलमान सरजमीं पर मर जाओ।”*
शिया उलेमा काउंसिल पाकिस्तान के केंद्रीय उपाध्यक्ष अल्लामा सैयद सिबतैन हैदर सबजवारी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा:
*”अगर तुम्हें अपने आकाओं, इजरायल और अमेरिका से इतना ही प्यार है, तो पाकिस्तान छोड़कर चले जाओ।”*https://x.com/burhan_uddin_0/status/2035582550618595675?s=20 शिया धर्मगुरुओं ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना अमेरिका और इजरायल के इशारे पर काम कर रही है और देश की राजनीति में जरूरत से ज्यादा दखल दे रही है। मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन के उपाध्यक्ष अल्लामा सैयद अहमद इकबाल रिज़वी ने कहा कि पाकिस्तान की मौजूदा तबाही अमेरिकी गुलामी और सेना की नीतियों की वजह से है।
शिया समुदाय का कहना है कि ईरान को लेकर व्यक्त किया गया उनका दुख और गुस्सा पाकिस्तान के प्रति वफादारी पर सवाल नहीं है। उनका दावा है कि पाकिस्तानी शिया इस देश के इतिहास और राजनीति से गहराई से जुड़े हुए हैं और उन्हें बाहरी या गैर-वफादार बताना गलत है।
