नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी ब्रिगिट मैक्रों पर की गई टिप्पणी पर तीखा जवाब दिया है। 2 अप्रैलको दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में पत्रकारों से बात करते हुए मैक्रों ने ट्रंप की टिप्पणियों को “न तो शालीन हैं और न ही स्तर के अनुरूप” बताया। उन्होंने कहा, “इसलिए मैं इनका जवाब नहीं दूंगा, ये जवाब के लायक भी नहीं हैं।”
विवाद की शुरुआत बुधवार को हुई जब ट्रंप ने एक प्राइवेट ईस्टर लंच के दौरान फ्रेंच एक्सेंट में मजाक करते हुए कहा कि ब्रिगिट मैक्रों अपने पति के साथ “बहुत बुरा व्यवहार” करती हैं। ट्रंप ने एक पुराने वायरल वीडियो का जिक्र किया, जिसमें ब्रिगिट मैक्रों विमान पर मैक्रों के चेहरे को धक्का देते नजर आई थीं। ट्रंप ने कहा कि मैक्रों अभी भी “जबड़े पर लगे दाहिने घूंसे से उबर रहे हैं।”
ईरान के खिलाफ अभियान में मदद नहीं कर रहे फ्रांस
ट्रंप की यह टिप्पणी ईरान के साथ चल रहे संघर्ष और नाटो सहयोगियों की मदद न करने के संदर्भ में आई। ट्रंप फ्रांस पर आरोप लगा रहे थे कि वे अमेरिका-इजराइल के ईरान के खिलाफ अभियान में मदद नहीं कर रहे हैं। साथ ही ट्रंप ने नाटो पर भी सवाल उठाए थे। मैक्रों ने जवाब में कहा कि नाटो जैसे गठबंधन “अनकही बातों यानी विश्वास पर टिके होते हैं।”
उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाया कि रोजाना अपनी प्रतिबद्धता पर संदेह जताकर वे गठबंधन को कमजोर कर रहे हैं। मैक्रों ने कहा, “अगर गंभीर होना है तो हर रोज अलग-अलग बातें नहीं करनी चाहिए। यह कोई शो नहीं है।” उन्होंने ईरान मुद्दे पर भी साफ किया कि अमेरिका और इजराइल द्वारा अकेले लिए गए फैसलों पर वे टिप्पणी नहीं करेंगे।
ट्रंप की टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी
फ्रांस में इस घटना पर काफी गुस्सा है। कई लोग इसे व्यक्तिगत हमला मान रहे हैं। मैक्रों ने जोर दिया कि फोकस मध्य पूर्व में डी-एस्केलेशन और सीजफायर पर होना चाहिए। ट्रंप की यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ गई है। एक तरफ ट्रंप की कूटनीति पर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ मैक्रों की शालीनता की तारीफ हो रही है। यह घटना दिखाती है कि वैश्विक नेता अक्सर व्यक्तिगत जीवन को राजनीति में घसीट लेते हैं।
