नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव 2026 के नतीजों में बिहार और ओडिशा में एनडीए को बड़ी सफलता मिली है। बिहार में कुल 5 सीटों पर एनडीए ने क्लीन स्वीप हासिल किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (जदयू), भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर (जदयू), शिवेश राम (भाजपा) और उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम) सभी निर्वाचित हुए। महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह हार गए, क्योंकि कुछ कांग्रेस और राजद विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए, जिससे विपक्ष को जरूरी समर्थन नहीं मिल सका।
ओडिशा में 4 सीटों के लिए हुए मुकाबले में क्रॉस-वोटिंग ने खेल बदल दिया। भाजपा ने तीन सीटें जीतीं, जिसमें एक निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय (भाजपा समर्थित) भी शामिल हैं। बीजद को सिर्फ एक सीट मिली। कांग्रेस और बीजद के कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को वोट दिया, जिससे बीजद-कांग्रेस गठजोड़ को बड़ा नुकसान हुआ और भाजपा को अप्रत्याशित लाभ मिला।
एनडीए की ऊपरी सदन में स्थिति मजबूत
इन परिणामों से एनडीए की ऊपरी सदन में स्थिति मजबूत हुई है। बिहार में विपक्षी एकता की कमी और ओडिशा में क्रॉस-वोटिंग ने साफ दिखाया कि स्थानीय स्तर पर गठबंधनों में दरारें हैं। हरियाणा में कुछ सीटों पर विवाद के कारण गिनती रोकी गई, लेकिन बिहार-ओडिशा के नतीजे एनडीए के लिए उत्साहजनक रहे।
कुल मिलाकर, इन चुनावों ने विपक्षी INDIA ब्लॉक की चुनौतियों को उजागर किया, जहां अनुपस्थिति और असंतोष ने एनडीए को अतिरिक्त फायदा पहुंचाया। राज्यसभा में एनडीए अब बहुमत के करीब पहुंच रहा है, जबकि विपक्ष को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।
