नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) में सांसद राघव चड्ढा को लेकर बड़ा फेरबदल हुआ है। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर सूचित किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। साथ ही उन्हें पार्टी का डिप्टी लीडर पद से भी हटा दिया गया है। AAP ने राज्यसभा सचिवालय को एक आधिकारिक पत्र सौंपा है, जिसमें राघव चड्ढा को संसद में बोलने का समय न देने और उनकी जगह सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने की जानकारी दी गई है।
यह घटना AAP के अंदर आंतरिक बदलाव या मतभेद की ओर इशारा कर रहा है। राघव चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और हाल ही में उन्होंने राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा रोलओवर और उपभोक्ता अधिकारों पर महत्वपूर्ण सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि उपभोक्ताओं का इस्तेमाल न होने वाला डाटा रात 12 बजे खत्म होने के बजाय अगले दिन के लिए रोलओवर होना चाहिए। उन्होंने अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के उदाहरण भी दिए थे।
AAP की संसदीय रणनीति में बदलाव का संकेत
पार्टी के सूत्रों और PTI की रिपोर्ट के अनुसार, AAP ने यह फैसला लिया है कि अब अशोक मित्तल को डिप्टी लीडर के रूप में संसद में पार्टी की ओर से बोलने का समय दिया जाएगा। यह कदम AAP की संसदीय रणनीति में बदलाव का संकेत दे रहा है। अभी तक राघव चड्ढा या पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव पार्टी की आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करने या कुछ मुद्दों पर नई दिशा देने का प्रयास हो सकता है। AAP वर्तमान में दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों में सक्रिय है और संसद में विपक्ष की भूमिका निभा रही है।
