नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वे शपथ ग्रहण समारोह के लिए 8 या 9 अप्रैल को दिल्ली रवाना होंगे। शपथ लेने के बाद 13 अप्रैल के बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। नीतीश कुमार 16 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे।
संवैधानिक प्रावधान के अनुसार, संसद के किसी सदन का सदस्य बनने पर राज्य विधानमंडल की सदस्यता छोड़नी होती है। इसी नियम के तहत उन्होंने सोमवार को बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। वे 2006 से लगातार विधान परिषद सदस्य थे। नीतीश कुमार ने कहा था कि उन्हें लंबे समय से लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों का सदस्य बनने की इच्छा थी। उन्होंने पहले विधानसभा (MLA), विधान परिषद (MLC) और लोकसभा सदस्य के रूप में सेवा की है।
2005 से अब तक 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
राज्यसभा में आने के बाद वे सभी चार सदनों का अनुभव रखने वाले नेता बन जाएंगे। नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने 2005 से अब तक 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। हाल ही में नवंबर 2025 में NDA की भारी जीत के बाद उन्होंने 10वीं बार शपथ ली थी। राज्यसभा शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। जेडीयू और एनडीए के अंदर नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा चल रही है।
इस्तीफे के बाद उनकी Z+ सुरक्षा बरकरार रहेगी
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद उनकी Z+ सुरक्षा बरकरार रहेगी, हालांकि उसकी समीक्षा की जाएगी। यह कदम बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे रहा है। नीतीश कुमार की इस यात्रा को उनके लंबे राजनीतिक करियर के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
