नई दिल्ली। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 19 मार्च 2026 को बड़ा ऐलान किया कि अमेरिका आज ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला (लार्जेस्ट स्ट्राइक पैकेज) करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमला सबसे तीव्र होगा, जिसमें सबसे ज्यादा फाइटर जेट, बॉम्बर और स्ट्राइक्स शामिल होंगे।
हेगसेथ ने दावा किया कि युद्ध अमेरिका की शर्तों पर ही खत्म होगा और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर निर्भर करेगा। अब तक अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के 7,000 से ज्यादा लक्ष्यों को निशाना बनाया जा चुका है, जिसमें ईरान की मिसाइल क्षमता, नौसेना और रक्षा आधार को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
ईरान की 11 पनडुब्बियां नष्ट की जा चुकी
हेगसेथ ने बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की क्षमता 90% तक कम हो गई है। ईरान की 11 पनडुब्बियां नष्ट की जा चुकी हैं और 120 से ज्यादा नौसैनिक जहाजों को क्षति पहुंचाई गई या डुबोया गया है। उन्होंने जोर दिया कि अमेरिका के उद्देश्य स्पष्ट हैं – ईरान की मिसाइल लॉन्चरों को खत्म करना, रक्षा-औद्योगिक आधार को नष्ट करना, नौसेना को निष्क्रिय करना और परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना।
जंग राष्ट्रपति ट्रंप की इच्छानुसार खत्म होगी
हेगसेथ ने कहा, “हमारे उद्देश्य कभी नहीं बदले और यह जंग राष्ट्रपति ट्रंप की इच्छानुसार खत्म होगी।” उन्होंने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि युद्ध लंबा नहीं चलेगा और अमेरिका जीत रहा है।ईरान की ओर से जवाब में कहा गया है कि “अभी उसका बदला पूरा नहीं हुआ है।” अमेरिका ने युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग मांगी है, जो बढ़ती लागत, हथियारों की कमी और मुनिशन उत्पादन के लिए है। हाल ही में बुधवार को मारे गए अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर वापस लाए गए, जहां हेगसेथ और ट्रंप मौजूद थे।
सैन्य क्षमता को पूरी तरह तबाह करने का प्रयास
ईरानी IRGC के सीनियर कमांडरों की स्थिति अस्थिर बताई जा रही है, क्योंकि लगातार हमलों से ये पद जल्दी खाली हो जाते हैं।कुल मिलाकर यह हमला अमेरिका-ईरान संघर्ष को और तेज करने वाला है, जिसमें अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह तबाह करने का प्रयास कर रहे हैं। हेगसेथ ने ईरान को “अकेला और बुरी तरह हारते हुए” बताया है। युद्ध की स्थिति पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा रही है, और अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर भी जोर दिया है।
