नई दिल्ली। बांग्लादेश के चटग्राम की एक अदालत ने जेल में बंद हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की जमानत याचिका गुरुवार (2 जनवरी) को खारिज कर दी। उन्हें ढाका पुलिस ने 25 नवंबर को देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया था।
ढाका स्थित द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, ढाका से चट्टग्राम गए 11 सुप्रीम कोर्ट के वकीलों की एक टीम द्वारा मांगी गई जमानत याचिका को मेट्रोपॉलिटन सत्र न्यायाधीश एमडी सैफुल इस्लाम ने लगभग 30 मिनट तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खारिज कर दिया।
11 वकीलों की टीम का नेतृत्व अधिवक्ता अपूर्व कुमार भट्टाचार्जी ने किया, जो सम्मिलिता सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता भी हैं। इसका चिन्मय भी हिस्सा है। चिन्मय के वकील भट्टाचार्जी ने द डेली स्टार को बताया कि वे जमानत के लिए उच्च न्यायालय में अपील करने की योजना बना रहे हैं।
वकील रबींद्रनाथ घोष अस्पताल में भर्ती
इस्लामवादियों द्वारा ‘सार्वजनिक पिटाई’ की धमकी के बाद चटग्राम अदालत में चिन्मय का प्रतिनिधित्व करने के लिए कोई वकील नहीं आ सका, जिसके एक महीने बाद गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सुनवाई हुई। चिन्मय कृष्ण दास के पिछले वकील रबींद्रनाथ घोष अचानक सीने में दर्द के बाद कोलकाता के सेठ सुखलाल करनानी मेमोरियल (एसएसकेएम) अस्पताल में भर्ती हैं। 75 वर्षीय वरिष्ठ वकील घोष ने कहा कि जब वह जमानत याचिका दायर करने गए तो अदालत के बाहर उन्हें परेशान किया गया और उन पर हमला किया गया। सुनवाई के दौरान सैकड़ों वकील अदालत कक्ष में भीड़ गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
