दिल्ली की वायु गुणवत्ता दूसरे दिन भी ‘बहुत खराब’ रही, दिवाली से पहले और बिगड़ने की आशंका

नई दिल्ली। दिल्ली में वायु गुणवत्ता में गिरावट लगातार जारी है। सोमवार को सुबह 6 बजे अधिकांश स्टेशनों ने AQI को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया। दिवाली से पहले आने वाले दिनों में दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें पराली जलाना और पटाखे फोड़ना प्रमुख कारण है।

सोमवार सुबह आनंद विहार में AQI 358 दर्ज किया गया, जहांगीरपुरी में 370, बवाना में 380, बुराड़ी क्रॉसिंग में 364, रोहिणी में 357, अशोक विहार में 361, आरके पुरम में 362 और आईटीओ में 327 दर्ज किया गया जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में हैं। दो दिन के ब्रेक के बाद रविवार को शहर की वायु गुणवत्ता फिर से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई, क्योंकि हवा के साफ होने के बाद हवा की गति धीमी हो गई थी।

30 अक्टूबर तक प्रदूषण का स्तर गंभीर

29 अक्टूबर तक वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहने की उम्मीद है तथा पटाखों और पराली जलाने से स्थिति और खराब होने की संभावना है, जिससे 30 अक्टूबर तक प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच सकता है।

AQI के ‘बेहद खराब’ श्रेणी में चले जाने के बाद भाजपा ने दिल्ली की आप सरकार पर कटाक्ष किया है। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने आप सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह शहर में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल” रही है।

यमुना पर आरोप-प्रत्यारोप

उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण बढ़ने के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम हो रही है और बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। गुप्ता ने आप पर यमुना नदी को साफ करने के झूठे वादे करने का आरोप लगाया और दावा किया कि यह पहले की तरह ही प्रदूषित है। हालांकि, आप ने दावा किया कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और हरियाणा द्वारा नदी में बड़ी मात्रा में औद्योगिक अपशिष्ट जल छोड़े जाने के कारण यमुना में प्रदूषण बढ़ रहा है।

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