नई दिल्ली। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने आज पद से इस्तीफा दे दिया। उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था और पार्टी ने उन्हें दोबारा नामांकित नहीं किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। कुरियन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे।
65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन केरल के कोट्टायम से हैं और 1980 में बीजेपी गठन के समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं। वे केरल बीजेपी के पूर्व उपाध्यक्ष, वकील और टीवी डिबेटर के रूप में जाने जाते हैं। 2024 में उन्हें मोदी कैबिनेट में शामिल किया गया था, जिसे केरल में ईसाई समुदाय (सिरो-मालाबार चर्च) तक पहुंच बनाने की रणनीति माना गया।
केरल में खराब प्रदर्शन पड़ा भारी
बीजेपी सूत्रों के अनुसार, केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब नतीजों के कारण कुरियन को दोबारा राज्यसभा टिकट नहीं मिला। उन्हें 4 जून को जारी उम्मीदवारों की लिस्ट देखकर हैरानी हुई। उनका मामला पूर्व मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से मिलता-जुलता है, जिन्हें भी कार्यकाल खत्म होने पर इस्तीफा देना पड़ा था।
पिछले चुनावों में भी लड़े, अब नया मोड़
कुरियन 2016 में केरल विधानसभा चुनाव में पुथुपल्ली सीट से ओमन चांडी के खिलाफ मैदान में उतरे थे, लेकिन हार गए। उन्होंने बीजेपी के वरिष्ठ नेता ओ. राजगोपाल के साथ भी काम किया। अब उनके इस्तीफे के साथ मोदी सरकार में केरल के ईसाई प्रतिनिधित्व पर सवाल उठ रहे हैं।
