मिडिल ईस्ट जंग का असर: भारत ने ऊर्जा संकट को संभाला

मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ा है। कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े और ऊर्जा संकट गहराया। लेकिन भारत ने इस चुनौती को बेहतर तरीके से संभाला है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव *सुजाता शर्मा* ने बताया कि जंग से कच्चे तेल, LPG और LNG की सप्लाई प्रभावित हुई है, लेकिन भारत के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और अगले दो महीनों की सप्लाई तय है।

*घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी*
– रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जिससे घरेलू LPG उत्पादन में लगभग *40% की बढ़ोतरी* हुई है।
– सरकार ने घरेलू ग्राहकों को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल गैस सप्लाई को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया है।
– अब तक लगभग *30,000 टन कमर्शियल LPG* की सप्लाई की जा चुकी है।

प्राथमिकता वाले सेक्टर
रेस्टोरेंट, होटल, औद्योगिक कैंटीन और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता दी गई। प्रवासी मजदूरों को लगभग *30,000 छोटे 5-किलो सिलेंडर* वितरित किए गए।

कीमतों पर नियंत्रण
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत $70 से बढ़कर $100 प्रति बैरल से ऊपर चली गई है, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। पड़ोसी देशों के विपरीत, भारत में ईंधन की सप्लाई और कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

 

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