नई दिल्ली। घरेलू रसोई गैस (LPG) की सप्लाई में देरी को लेकर देशभर में गहरी चिंता फैल गई है। LocalCircles के एक सर्वे के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में करीब 43 प्रतिशत घरों को LPG सिलेंडर डिलीवरी में भारी देरी का सामना करना पड़ा। बुकिंग के बाद लंबा इंतजार, सप्लाई चेन की गड़बड़ी और बुकिंग सिस्टम की समस्याओं के कारण कई परिवार खाना पकाने के लिए मजबूरन ब्लैक मार्केट का रुख कर रहे हैं। कुछ ग्राहकों की शिकायत है कि उनका सिलेंडर डिलीवर दिखाया गया लेकिन वास्तव में नहीं मिला।
इस संकट के कारण ब्लैक मार्केट में 14.2 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमत आसमान छू रही है। जबकि सरकारी दर करीब 900 रुपये है, वहीं कालाबाजारी में सिलेंडर 2000 से 4000 रुपये तक बिक रहे हैं। सर्वे में पता चला कि लगभग 8 प्रतिशत लोगों को मजबूरी में ब्लैक मार्केट से महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदना पड़ा। कई जगहों पर लोग 300 से 500 रुपये अतिरिक्त देकर भी सिलेंडर हासिल कर रहे हैं। लखनऊ समेत कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।
लोग लकड़ी और कोयले पर खाना बनाने लगे
इससे आम घरेलू जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई परिवार महंगे दामों पर सिलेंडर खरीद रहे हैं तो कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में लोग वापस लकड़ी और कोयले पर खाना बनाने लगे हैं, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुंच रहा है। छोटे होटल, ढाबे और स्ट्रीट फूड वाले भी गैस की कमी से परेशान हैं। सरकार का दावा है कि देश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है।
