नई दिल्ली। एलपीजी सिलेंडर को लेकर सरकार ने कई महत्वपूर्ण नियम लागू किए हैं। जिन घरों में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) और एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें पीएनजी कनेक्शन मिलने के 30 दिनों के अंदर अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना अनिवार्य है। उदाहरण के तौर पर, अगर पीएनजी 6 जून को लगा तो 6 जुलाई तक सिलेंडर सरेंडर करना होगा। यह नियम इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस समेत सभी प्रमुख कंपनियों पर लागू है।
यह नया नियम 25 मई 2026 को जारी संशोधन आदेश के तहत आया है। सरकार की ‘एक घर, एक गैस कनेक्शन’ नीति का यह हिस्सा है, जिसका मकसद उन इलाकों में एलपीजी की उपलब्धता बढ़ाना है जहां PNG इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं पहुंचा है। इससे सब्सिडी का दुरुपयोग भी रोका जा सकेगा और गैस उन परिवारों तक बेहतर तरीके से पहुंचेगी जिन्हें वाकई जरूरत है।
उज्ज्वला योजना के लिए 30 जून की डेडलाइन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए 30 जून 2026 की तारीख बहुत महत्वपूर्ण है। Indian Oil Corporation (IOCL) ने सभी उज्ज्वला लाभार्थियों से अपील की है कि वे इस तारीख से पहले अपना eKYC पूरा कर लें। अगर समय पर eKYC नहीं हुआ तो सब्सिडी प्रभावित हो सकती है और गैस कनेक्शन पर असर पड़ सकता है।
eKYC कैसे पूरा करें?
उज्ज्वला ग्राहक IOCL वन मोबाइल ऐप के जरिए, अपने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर पर जाकर या सिलेंडर डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी की मदद से आसानी से eKYC पूरा कर सकते हैं। साथ ही, सिलेंडर सरेंडर करने वाले ग्राहकों को ट्रांसफर वाउचर भी मिलेगा, जिससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर कनेक्शन बहाल किया जा सकेगा।
