नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता युद्ध तनाव है। बाजार खुलते ही सेंसेक्स पिछले बंद 74,532.96 से गिरकर करीब 73,732 पर खुला और जल्द ही 1600 अंक टूटकर 72,977 तक पहुंच गया। निफ्टी भी पिछले बंद 23,114 से फिसलकर 22,824 पर खुला और 480 अंक की गिरावट के साथ 22,634 पर ट्रेड कर रहा था। सभी बड़े सेक्टर और लार्जकैप शेयर लाल निशान में थे, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।
यह क्रैश मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष से जुड़ा है, जहां अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान पर हमलों के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस युद्ध ने ग्लोबल मार्केट सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया है। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट आई, जैसे जापान का निक्केई 4.10% गिरकर 50,800 पर, हांगकांग का हैंगसेंग 3% नीचे 24,532 पर और साउथ कोरिया का कोस्पी 5.10% टूटकर 5,409 पर पहुंच गया।
क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी से उछाल
क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। युद्ध के कारण सप्लाई डिसरप्शन का डर बढ़ा है, जिससे ऑयल प्राइस में तेजी आई और भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर दबाव पड़ा। विदेशी निवेशकों का नकारात्मक मूड और ग्लोबल अनिश्चितता ने भी बाजार को नीचे धकेला। इससे पहले के दिनों में भी युद्ध से जुड़े डर से बाजार में लगातार गिरावट देखी जा रही थी।
समग्र रूप से बाजार में भारी अस्थिरता बनी हुई है और निवेशक सतर्क हैं। यह गिरावट युद्ध की गहराई और क्रूड प्राइस की दिशा पर निर्भर करेगी। अगर तनाव कम नहीं हुआ तो और नुकसान की आशंका बनी हुई है, जबकि कोई सकारात्मक विकास बाजार को संभाल सकता है।
