नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी अनुकल्प मिश्रा लवकुश मिश्रा का जीजा है, जबकि रमाशंकर मिश्रा (लवकुश के पिता) अनुकल्प के ससुर हैं। इस तरह जीजा-साला और ससुर-दामाद का सीधा रिश्ता इस घोटाले में जुड़ा हुआ है। अनुकल्प मिश्रा की ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा से भी रिश्तेदारी बताई जा रही है। इन रिश्तों ने साजिश की गहराई को उजागर किया है।
रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव (चंपत राय के ड्राइवर) का भतीजा मनीष यादव भी गणना प्रक्रिया में शामिल था। टिन्नू के पास गणना कक्ष की चाबी रहती थी और आरोप है कि उनकी शह पर ही मनीष को एंट्री मिली। मनीष के घर से भी चोरी की रकम बरामद हुई है। टिन्नू मंदिर की व्यवस्थाओं में हस्तक्षेप रखते थे।
आरोपियों की भूमिका और बरामदगी
अनुकल्प मिश्रा चढ़ावा गिनने की ड्यूटी पर थे, उनके घर से चोरी की राशि मिली है। लवकुश मिश्रा भी गणना टीम में शामिल था। रमाशंकर मिश्रा पर अपने बेटे और दामाद को पैसे गिनने के काम में लगाने का आरोप है। मामले में कुल 8 नामजद आरोपी हैं, जिनमें से कई गिरफ्तार हो चुके हैं।
परिवार का दावा और आगे की जांच
गिरफ्तार मनीष यादव के भाई ने कहा कि उनका भाई निर्दोष है और उसे सिर्फ बड़ी मछलियों को बचाने के लिए फंसाया गया है। वह मात्र 20 वर्षीय बीकॉम छात्र था और काम करते हुए सिर्फ एक महीना हुआ था। विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव भी जांच के दायरे से बाहर नहीं हैं। SIT की जांच जारी है।
