नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है। पार्टी 294 में से 291 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी, जबकि दार्जिलिंग की तीन पहाड़ी सीटें सहयोगी दल BGPM को सौंपी गई हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि टीएमसी 226 से अधिक सीटें जीतेगी। सूची में प्रदर्शन, जमीनी पकड़ और सामाजिक संतुलन को मुख्य आधार बनाया गया है, ताकि लंबे समय की सत्ता के बाद एंटी-इन्कम्बेंसी का प्रभाव कम किया जा सके।
पार्टी ने काफी बड़े बदलाव किए हैं। 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं और 15 विधायकों की सीटें बदल दी गई हैं। हटाए गए प्रमुख नामों में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी (जेल में), क्रिकेटर मनोज तिवारी, अभिनेता चिरंजीत और कंचन मल्लिक शामिल हैं। पार्टी ने नए सेलिब्रिटी या फिल्मी चेहरों को शामिल नहीं किया है, लेकिन कुछ मौजूदा कलाकार विधायकों जैसे सोहम चक्रवर्ती, सयंतिका बनर्जी और इंद्रनील सेन को दोबारा टिकट मिला है। फोकस अब जमीनी कार्यकर्ताओं और बेहतर परफॉर्मेंस पर है।
युवाओं और महिलाओं को तरजीह
युवा और महिलाओं को विशेष महत्व दिया गया है। कुल 45% उम्मीदवार 50 वर्ष से कम उम्र के हैं, जिनमें टीएमसी आईटी सेल प्रमुख देबांगशु भट्टाचार्य, पूर्व राज्यसभा सांसद रिताब्रत बनर्जी और एशियाई खेलों की एथलीट स्वप्ना बर्मन जैसे नाम शामिल हैं। महिला उम्मीदवारों की संख्या 52 है, जो लगभग 18% बैठती है। सामाजिक संतुलन के लिए अनुसूचित जाति से 78, अनुसूचित जनजाति से 17 और मुस्लिम समुदाय से 40-47 उम्मीदवार उतारे गए हैं, जो ‘मा, माटी, मानुष’ की विचारधारा को मजबूती देता है।
पबित्र कर शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ उतरेंगे
रणनीतिक फैसलों में कुछ खास कदम उठाए गए हैं। 13 उम्मीदवारों को उसी दिन पार्टी में शामिल होने के बाद टिकट मिला, जिसमें बीजेपी से आए पबित्र कर प्रमुख हैं, जो नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। ममता बनर्जी खुद भवानीपुर से मैदान में उतरेंगी। कुल मिलाकर यह सूची युवा ऊर्जा, महिलाओं की भागीदारी, सामाजिक समीकरण और जीतने की क्षमता पर केंद्रित है, जिससे टीएमसी चौथी बार सत्ता हासिल करने की कोशिश में है।
