नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में सोमवार एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। JDU के MLC संजय गांधी ने इस्तीफा पत्र विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा। JDU के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी इसकी पुष्टि की और मीडिया के सामने इस्तीफा वाला पत्र दिखाया। दोपहर तक इस्तीफा मंजूर हो गया। यह इस्तीफा मुख्यमंत्री पद से नहीं, बल्कि केवल MLC पद से है।
नीतीश कुमार इस महीने राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे। संवैधानिक नियम के अनुसार राज्यसभा सदस्य बनने के बाद विधान परिषद की सदस्यता रखना संभव नहीं था, इसलिए उन्हें MLC पद छोड़ना अनिवार्य था। रविवार शाम से ही JDU नेताओं की मुख्यमंत्री आवास पर बैठकें चल रही थीं। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, मंत्री विजेंद्र यादव और अशोक चौधरी समेत कई नेता नीतीश से मिलने पहुंचे थे। सुबह से विधान परिषद परिसर में गहमा-गहमी का माहौल रहा।
जल्द ही CM पद से दे सकते हैं इस्तीफा
इस फैसले के बाद बिहार राजनीति में सस्पेंस बना हुआ है। नियम के मुताबिक नीतीश कुमार अभी छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन अटकलें हैं कि वे जल्द ही CM पद से भी इस्तीफा देकर पूरी तरह दिल्ली शिफ्ट हो सकते हैं। JDU नेताओं की बैठक में कुछ नेता भावुक भी नजर आए। अब सवाल यह है कि नीतीश के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा और NDA गठबंधन में उत्तराधिकारी का चेहरा कैसे तय होगा। नीतीश कुमार 10 अप्रैल के आसपास राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ले सकते हैं।
