नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) 7 से 9 अप्रैल 2026 के दौरान देश के बड़े हिस्से को प्रभावित करेगा। इस दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश समेत करीब 10 राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक, भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
IMD के अनुसार, इस सप्ताह उत्तर-पश्चिम भारत में दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक सक्रिय हो रहे हैं, जिनकी सबसे तेज गतिविधि 7 और 8 अप्रैल को रहेगी। कश्मीर घाटी में 7 अप्रैल को मध्यम से भारी बारिश, जबकि राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में 7 से 9 अप्रैल के बीच भारी ओलावृष्टि की आशंका है।
बिहार-झारखंड में 6 से 8 अप्रैल तक छिटपुट ओले और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 अप्रैल को ओलावृष्टि संभव है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 7-8 अप्रैल को ओले पड़ सकते हैं।
9 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना
मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत में 9 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। अगले 7 दिनों तक देश के ज्यादातर हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम या आसपास रहेगा, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।रबी सीजन की खड़ी फसलों (गेहूं, सरसों आदि) को ओलावृष्टि से भारी नुकसान का खतरा है। विशेषकर उत्तर भारत, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अप्रैल के पहले हफ्ते में पश्चिमी विक्षोभ असामान्य रूप से सक्रिय
आंधी-तूफान के कारण फसलों के अलावा सड़क यातायात और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो सकता है। IMD ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी नियमित रूप से चेक करें और फसलों की सुरक्षा के लिए उचित उपाय करें। मौसम विभाग का कहना है कि अप्रैल के पहले हफ्ते में पश्चिमी विक्षोभ असामान्य रूप से सक्रिय है, जिसके चलते उत्तर और पूर्वी भारत में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है।
