नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे गंभीर तनाव तथा सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा कर दी है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर से बातचीत के बाद तथा ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने की सहमति पर मैं ईरान पर बमबारी और हमले दो हफ्ते के लिए स्थगित करने पर सहमत हूं।”
दो हफ्तों में अंतिम समझौते को अंतिम रूप
यह दोतरफा युद्धविराम होगा, जिसमें दोनों पक्ष पीछे हटेंगे। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर चुका है और उनसे आगे निकल चुका है। ईरान की ओर से 10 सूत्रीय प्रस्ताव मिला है, जिसमें ज्यादातर विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। इन दो हफ्तों में अंतिम समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा।
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी दो हफ्ते के सीजफायर को स्वीकार कर लिया है। आगे की बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 10 अप्रैल से शुरू होगी। इजरायल भी इस दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमत हो गया है। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि इन दो हफ्तों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही ईरानी सैन्य नियंत्रण में रहेगी।
डेडलाइन से कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने बदला रुख
कल रात ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला गया तो “पूरी सभ्यता खत्म” हो सकती है, जिसे परमाणु हमले की धमकी माना गया। लेकिन डेडलाइन से कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने अपना रुख बदल लिया।
इस घोषणा से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक प्रतिक्रिया आई। कच्चे तेल के दाम गिरे और अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी देखी गई। ईरान में लोगों ने राहत जताते हुए जश्न मनाया। हालांकि, इजरायल में कुछ चिंताएं बनी हुई हैं कि और ज्यादा हासिल किया जा सकता था।
ईरान को होर्मुज खोलने पर राजी किया
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि बातचीत जारी रहेगी और ट्रंप की शक्तिशाली सेना ने ईरान को होर्मुज खोलने पर राजी किया है। यह सीजफायर मध्य पूर्व में लंबे समय तक शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन अंतिम समझौते पर सबकी नजर है।
